Skip to content
Create a gist now

Instantly share code, notes, and snippets.

कहाँ से तू आती है
कहाँ को तू जाती है
सपनों को सजाती है
अपनों को ले जाती है
बाग़ों में जब बहती है
कानों में कुछ कहती है
आती है नज़र नहीं
साँसों में पर रहती है
हवा है पवन है
वायु है , पुरवाई है
जीवन है , जान है , या परछाई है
लेने आई है या कुछ मेरे लिए लायी है
पूछूंगा में क्या तुझसे
कहाँ से तू आई है
तू कौन है , तू कौन है ...
तू जब चलती चलती बदल
जब चलती तू गिरते पत्ते
तू कहती तो दिए जलते
तू रूखे , दिल दिल से मिलते
सागर की लहरों में लहराती है तू तले टूल
पत्तों के पायलों में लाती खन खन
ख़त ख़त कोई नहीं ऐसा एक झोंका है
कुछ है , सच है , या तू एक धोका है
तू कौन है , तू कौन है ...
कहाँ से तू आती है
कहाँ को तू जाती है
सपनों को सजाती है
अपनों को ले जाती है
बाग़ों में जब बहती है
कानों में कुछ कहती है
आती है नज़र नहीं
साँसों में पर रहती है
तू कौन है , तू कौन है
Sign up for free to join this conversation on GitHub. Already have an account? Sign in to comment
Something went wrong with that request. Please try again.